दिल्ली मेट्रो फेज-4 : यात्री निहार सकेंगे सिग्नेचर ब्रिज और यमुना की खूबसूरती



सार

यमुना के ऊपर से गुजरेगी ट्रेन। मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच कॉरिडोर के निर्माण में आई तेजी। 2023 तक बन जाएगा देश का पहला रिंग मेट्रो कॉरिडोर। इससे जाम से मिलेगा छुटकारा और कम लगेगा समय।

विस्तार

दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच 12.55 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके बनने से लाखों यात्रियों को जाम से छुटकारा मिलेगा और काफी कम समय में गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इस कॉरिडोर पर सफर के दौरान यात्रियों को सिग्नेचर ब्रिज और यमुना नदी के सौंदर्य को भी निहारने का मौका मिलेगा। फिलहाल, यमुना पर मेट्रो के पांचवें पुल का निर्माण चल रहा है। पहली बार कैंटीलीवर विधि का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी, एक खास तकनीक प्रयोग में लाई जाएगी।
पिंक लाइन के विस्तार के बाद 2023 तक देश का पहला रिंग मेट्रो कॉरिडोर तैयार हो जाएगा। फिलहाल, भजनपुरा चौक और झड़ौदा माजरा के बीच पिलर लगाने के साथ-साथ यमुना क्षेत्र में भी काम तेजी से चल रहा है। मानसून के दौरान यमुना के बढ़ते जलस्तर से निर्माण में दिक्कत न आए, इसके लिए भी मेट्रो ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी।

कॉरिडोर पर होंगे आठ मेट्रो स्टेशन 
पिंक लाइन के फेज-4 में विस्तार से मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच रिंग कॉरिडोर तैयार हो जाएगा। इस दायरे में यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, सोनिया विहार, जगतपुर गांव, झड़ौदा माजरा और बुराड़ी मेट्रो स्टेशन होंगे।

वजीराबाद और सिग्नेचर ब्रिज के बीच बनेगा पुल
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के मुताबिक, यह पुल वजीराबाद ब्रिज और सिग्नेचर ब्रिज के बीच बनेगा। इसकी ऊंचाई सिग्नेचर ब्रिज से कम रहेेगी और सफर के दौरान यात्रियों को प्राकृतिक के साथ-साथ सिग्नेचर ब्रिज की खूबसूरती भी दिखाई देगी। इसके तैयार होने पर यह दिल्ली मेट्रो का सबसे खूबसूरत कॉरिडोर बन जाएगा।

कोरोना काल में तैयार किया पुल का डिजाइन
पुल निर्माण का डिजाइन कोरोना काल में तैयार किया गया। जब दफ्तर बंद थे, उस दौरान भी बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (बीआईएम) तकनीक से पुल के डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया। इंजीनियरों की मेहनत से तैयार डिजाइन के बाद तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है, ताकि परियोजना को 2023 तक पूरा कर मेट्रो सेवा की शुरुआत इस कॉरिडोर पर की जा सके।

चुनौतियों को पार करती आगे बढ़ रही है मेट्रो 
सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद ब्रिज के बीच मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए एजेंसियों से अनिवार्य मंजूरी ले ली गई है। डीएमआरसी ने कॉरिडोर निर्माण के दौरान बाढ़ के मैदान पर निर्माण के प्रभाव को न्यूनतम रखा है। बाढ़ क्षेत्र में होने से पुल निर्माण की राह में तमाम चुनौतियों से गुजरती हुई मेट्रो के रिंग कॉरिडोर निर्माण की तरफ डीएमआरसी कदम बढ़ा रही है।

 लाखों यात्री छोड़ देंगे निजी वाहन
मेट्रो के इस कॉरिडोर के सभी एलिवेटिड स्टेशन होंगे। निर्माण से पहले सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद आठ स्टेशन भी चिह्नित कर लिए गए हैं। सोनिया विहार और झड़ौदा माजरा के स्थानीय लोगों से इस परियोजना से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा के बाद जरूरी सुविधाएं विकसित करने का खाका तैयार किया जा रहा है। अधिक से अधिक दिल्लीवासियों को मेट्रो का फायदा मिल सके, इसलिए निर्माण की रफ्तार में तेजी आई है। इस कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से रोजाना दो-तीन लाख यात्री निजी वाहन छोड़कर मेट्रो को अपनाएंगे।

https://www.amarujala.com/amp/city-and-states/delhi-metro-phase-4-passengers-will-be-able-to-see-the-beauty-of-signature-bridge

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